Sunday, 9 February 2020

Why do we celebrate Maha Shivratri? in hindi

Why do we celebrate Maha Shivratri?




  • शिवरात्रि क्यों मनाते हैं इसके पीछे का कारण क्या है ?



  • क्या कथा है शिवरात्रि की?



  • और शिवरात्रि कैसे मनाएं? 
Why do we celebrate Maha Shivratri?  in hindi


इन सभी प्रश्नों का उत्तर हम आपको इस ब्लॉग में देंगे । शिवरात्रि से जुड़ी दो प्रमुख कथाएं हैं जो उत्तर भारत और दक्षिण भारत में प्रचलित हैं उन दोनों कथाओं को हम इस वीडियो में आपको संक्षेप में बताने की चेष्टा करेंगे आप इस ब्लॉग को अंदर तक पढ़ना है। 


पहली कथा है जो शिव त्याग की कथा है


शिव विवाह की कथा है । यह कथा रामचरितमानस में और श्रीमद भागवत पुराण में भी यह कथा मिलती है । इस कथा के अनुसार एक बार शिव जी और सती जी जा रहे थे तभी उन्होंने दंडकारण्य में राम और लक्ष्मण को देखा जो देवी सीता को ढूंढ रहे थे तभी शंकर जी ने उन्हें प्रणाम किया और मां सती को भ्रम हो गया कि ऐसा कैसे हो सकता है कि निराकार भगवान साकार हो जाए और साकार हो भी गया तो अपनी स्त्री को ढूंढ रहा है वह तो सर्वज्ञ है सिर्फ अंतर्यामी है उसको मालूम होना चाहिए उसकी पत्नी कहां है


अस्तु यह भ्रम हो जाता है शंकर जी उन्हें समझाते हैं सती जी नहीं मानती हैं तो शंकर जी कहते हैं जाओ परीक्षा ले लो । शंकर जी जब परीक्षा लेने को कहते हैं तो बात सती सीता जी का भेष धारण करके जाकर बैठ जाती हैं तभी राम जी उन्हें तुरंत पहचान लेते और कहते हैं कि माता जी पिता जी के घर हैं ऐसा देख मां सती को और भ्रम हो जाता है कि क्या बात है तो जब सती वापस आती हैं शिव के पास तो वह झूठ बोल देती हैं कि मैंने राम की परीक्षा नहीं लिए लेकिन मुझे अंतर्यामी

इसलिए वो जान गए कि यह मेरी माता सीता का भेष धारण करके गई थी परीक्षा लेने के लिए आते उन्होंने सोचा कि इन्होंने मेरी मां का स्वरूप धारण किया है अतएव इस जन्म में तो इनके साथ अब पति पत्नी का रिश्ता नहीं रह सकता इसलिए उन्होंने अपने मन ही मन में सती को त्याग दिया था बाद में सती जी को यह शंका हो ही गई थी कि शिव जी ने मुझे मन ही मन त्याग दिया था

एक दिन जब दक्ष जो सती के पिता थे वह यज्ञ करवा रहे थे लेकिन शिवजी को नहीं बुलाया था । सती जी जिद करने लगी शंकर जी से कहा मैं भी जाऊंगी तो शंकर जी ने उन्हें कहा कि ठीक से जाओ गणों को साथ भेजा । सती जी जब वहां पर गई वहां पर उनकी बहनों ने उनके साथ ज्यादा बातचीत नहीं की लेकिन मां ने आदर सत्कार उनका किया । जब सती जी यज्ञ में जाती हैं तो देखती हैं कि वहां पर शिवजी का आसन नहीं रहता है तो वह अपने पति का अपमान समझ कर वहीं पर अपने आपको योग अग्नि में मरम्मत कर लेती हैं इसके बाद फिर स्वयं राम गए थे शंकरजी के पास और उन्होंने कहा था कि जब प्रस्ताव आएगा


शादी के लिए तो आप हां कर दीजिएगा फिर बाद में यही सती जी मां पार्वती का अवतार लेकर आती हैं पिता हिम नरेश और माता मैना के घर में उसके बाद फिर नौ योग्य शेरों ने मां पार्वती की परीक्षा लेते हैं तो पार्वती जी ने उनसे कहा कि में या तो शिवजी से शादी करूंगी नहीं तो अनंतकाल तक कुंवारी रहूंगी । ऐसा जवाब मिलकर शिवजी का विवाह तय हुआ और जिस दिन शिवजी का विवाह हुआ वह महाशिवरात्रि के पर्व में मनाई जाती है 



दूसरी कथा जो दक्षिण भारत में प्रचलित हैं




Why do we celebrate Maha Shivratri?  in hindi





अब जो दक्षिण भारत में जो कथा ज्यादा प्रचलित है वह कथा ऐसी है कि हर एक ब्रम्हांड में एक ब्रह्मा एक विष्णु एक शंकर होते हैं तो अनंत ब्रह्माण्ड हैं तो अनंत ब्रह्माण्ड में अनंत ब्रह्मा अनंत विष्णु अनंत शंकर होते हैं

इन सभी अनंत ब्रह्माण्ड के एक महाविष्णु और एक सदाशिव होते हैं यह जो श्रद्धा सदाशिव हैं यह सदा रहते हैं तो जब महाप्रलय होता है जिसमें समस्त ब्रह्माण्ड भगवान में लीन होते हैं तो वह सदाशिव में जाकर लीन हो जाते हैं सदाशिव हमेशा सदा रहते हैं वो किसी में लीन नहीं होते तो एक प्रसंग आता है जिसमें ब्रम्हा जी और विष्णु जी के बीच में चर्चा होती है कि हममें से बड़ा कौन है ।

तभी एक बहुत बड़ा खंबा प्रकट हो जाता है तब ब्रम्हाजी जी ने कहा कि मैं इसका आदि देखता हूं और विष्णु जी ने कहा ठीक है मैं इसका अंत देखने की कोशिश करता हूं तो दोनों जाते हैं लेकिन किसी को आदि पता चलता है न अंत पता चलता है तो यह जो प्रकरण है यह महाशिवरात्रि के दिन हुआ था ।


अस्तु इसलिए महाशिवरात्रि का बड़ा महत्व है इस दिन कुछ भक्त लोग रातभर कीर्तन करते हैं तो कुछ भक्त लोग उपवास करते हैं । उपवास का अर्थ होता है उपयुक्त मतलब समीप और वास करना लास वेगास मतलब निवास भगवान के निकट निवास करना यह उपवास हो गया भगवान के पास जाने के लिए भक्ति मार्ग को बताया है कि भगवान की भक्ति करके भगवान के निकट जाया जा सकता है तो भगवान की भक्ति करनी है जिससे हम भगवान के पास जा सकें ।




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